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लैंक्सेस इंडिया ने 6 वेंटिलेटर दान किए - The Indian Bulletin Hindi
व्यापारस्वास्थ्य

लैंक्सेस इंडिया ने 6 वेंटिलेटर दान किए

      कंपनी ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की महत्‍वपूर्ण चिकित्सा सहायता भी दी है

      कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में 2020 में अब तक कंपनी द्वारा कुल 3.5 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है

सुरत : देश में कोरोनावायरस महामारी से निपटने में मदद के लिए, स्पेशिलिटी केमिकल कंपनी लैंक्सेस ने आज ठाणे,महाराष्ट्रमें कौशल्या मेडिकल फाउंडेशन ट्रस्ट हॉस्पिटल और बेथानी हॉस्पिटल में 1 करोड़ रुपये से अधिक के 6 वेंटिलेटर दान किए। दोनों अस्पतालों को तीनतीन वेंटिलेटर दिए गए हैं। यह पहल साल 2020-21 के लिए कंपनी की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) का एक हिस्सा है।

ठाणे में स्थित ये अस्पताल इन वेंटिलेटर का उपयोग क्षेत्र के रोगियों के इलाज के लिए करेंगे। लैंक्सेस स्थानीय समुदाय को महामारी से लड़ने में मदद करने के लिए अधिकारियों और चिकित्सा संस्थानों के साथ सहयोग कर रही है। 

बीते महीनों में, लैंक्सेस इंडिया ने कोविड-19 के प्रभाव को कम करने के संबंध में कई पहल की हैं। कंपनी ने 2 करोड़ रुपए प्राइम मिनिस्‍टर्स सिटिजन असिस्‍टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशंस फंड (पीएम केयर्स) में दान किए और 30 लाख रुपये की राहत सामग्री महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में स्थानीय प्रशासन को प्रदान की। इसमें अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ सहयोग भी शामिल था, जिसके माध्यम से कंपनी ने जरूरतमंदों को मुफ्त में 30 हजार से अधिक भोजन के पैकेट बांटे। 

लैंक्सेस ने महाराष्ट्र सरकार के राहत समन्वय केंद्र के माध्यम से बीएमसी और टीएमसी को अपने अत्यधिक प्रभावी सर्फेस डिसइंफेक्‍टेंट रिलाय+ऑन विक्रोनदान किया। कंपनी ने एक टन डिसइंफेक्‍टेंट मुहैया कराया ताकि कोरोनोवायरस के संक्रमण को कम करने में मदद मिले। 

कौशल्या मेडिकल फाउंडेशन ट्रस्ट हॉस्पिटल के एमएस ऑर्थो, डीएनबी ऑर्थो, एफआईसीएस (यूएसए), कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. समीप सोहोनी ने कहा कि, “हम इन वेंटिलेटर्स को दान करने के लिए लैंक्सेस इंडिया के आभारी हैं क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है, जो आईसीयू में उन कोविड मरीजों के प्रबंधन में जरूरी है जिनका ऑक्सीजन स्तर कम होता है। हम इस सहायता के लिए लैंक्सेस इंडिया के प्रबंधन को धन्यवाद देते हैं। हम इस बात का ध्‍यान रखेंगे कि इस डोनेशन से हम ज्यादा से ज्यादा जिंदगियां बचा सकें। इससे पिछले 5 महीनों से कोरोना वायरस के रोगियों के लिए परिश्रम कर रही हमारी मेडिकल टीम के मनोबल को भी बढ़ावा मिलेगा।”

बेथानी हॉस्पिटल के सीओओ श्री विजय लक्का ने लैंक्सेस को धन्यवाद देते हुए कहा, “इस समय में लैंक्सेस इंडिया द्वारा स्पेशल वेंटिलेटर्स का दान हमारे अस्पताल को और अधिक जीवन बचाने की कोशिश करने में सक्षम बनाता है, खासकर तब जब गंभीर देखभाल उपकरणों की विश्व स्तर पर भारी कमी है। उच्चप्रवाह नेसल ऑक्सीजन (एचएफएनओ) चिकित्सा से लैस ये विशिष्ट वेंटिलेटर्स तीव्र हाइपोक्सिमिक श्वसन विफलता वाले रोगियों के लिए श्वसन सहायता प्रदान कर सकते हैं और इस महामारी की स्थिति में मरीजों की मदद कर सकते हैं। हमारे समुदाय का हिस्सा होने और इस कठिन समय में बहुत कम लोगों ने जो किया है, वह करने के लिए धन्यवाद। ” 

लैंक्सेस इंडिया के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री नीलांजन बनर्जी ने कहा कि, “इस चुनौतीपूर्ण समय में चिकित्सा संस्थानों और उनके बुनियादी ढांचे में जबरदस्त तनाव देखा गया है। इसे एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। हमने इस दबाव को कम करने का एक विनम्र प्रयास किया है। हमारा उद्देश्य विशेष रूप से इन अस्पतालों में महत्वपूर्ण देखभाल उपकरण उपलब्ध कराने और जीवनरक्षक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है। हम अपने समाज में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने की उम्मीद कर रहे हैं और महामारी से लड़ने के लिए बड़े पैमाने पर समुदाय की मदद करना जारी रखेंगे।

 

कौशल्या मेडिकल फाउंडेशन ट्रस्ट हॉस्पिटल के विषय में

कौशल्या मेडिकल फाउंडेशन ट्रस्ट हॉस्पिटल ठाणे में स्थित 100 बिस्तरों वाला अस्पताल है, जो सन 2002 से ठाणे शहर और जिले के लोगों को सेवाएं प्रदान कर रहा है। 17 अप्रैल 2020 से इस अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाया गया और अब तक यहां ठाणे शहर और पड़ोसी क्षेत्रों के 1100 से अधिक कोविड-19 रोगियों का इलाज किया जा चुका है।

 

बेथानी हॉस्पिटल के विषय में

बेथानी हॉस्पिटल की स्थापना सन 1997 में इस मूल विश्वास के साथ की गई कि प्रत्येक जिंदगी ईश्वर का एक अनमोल उपहार है और वह हमारे ध्यान की हकदार है। इस अस्पताल का स्वामित्व बेथानी ट्रस्ट के पास है और इसका प्रबंधन भी ट्रस्ट ही करता है। 190 बेड वाले इस टर्शरी केयर अस्पताल में अब तक 900 कोविड-19 मरीजों का इलाज हो चुका है और अस्‍पताल ने बड़े पैमाने पर जरूरतमंदों की सेवा करना जारी रखा है।

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