उभरते हुए फिल्म निर्माता वैभव गट्टनी मानते हैं कि इंसानों के पास सारे जबाब हैं पर सही सवाल नहीं है

निर्देशक वैभव गट्टनी अपनी फीचर फिल्म ‘वॉइड’ 6 मई 2022 को Vimeo On Demand पर रिलीज करने जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस फीचर फिल्म की कहानी दूसरी फिल्मों के मुकबले काफी अलग है। 11 अक्टूबर 1994 को सांगली में जन्मे वैभव गट्टानी मुंबई में रहते हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई की है। मात्र 28 वर्ष की आयु में कलात्मक विचारधारा और काम के प्रति उनकी निष्ठा अतुलनीय है।
वैभव ने ‘वॉइड’ की कहानी बहुत सोच-समझ कर चुनी और तय किया कि वो इसे बगैर किसी समझौते के बनाएंगे। फाइनेंसर्स और प्रोड्यूसर्स ने उन्हें काफ़ी समझाया कि फिल्म में बोल्ड सीन और अश्लीलता के साथ संवाद बढ़ाये जिनसे दर्शकों को फ़िल्म समझने में आसानी हो। पर वैभव का मानना है कि फिल्म संवाद और भाषा की मोहताज नहीं होती है, बल्कि भाषा व संवाद फिल्म की आत्मा के साथ हर बार न्याय नहीं करती। इस विचारधारा को मूल में रखकर उन्होंने ‘वॉइड’ फिल्म अपने स्वयं के बैनर आइसस्केप फिल्म्स के अंतरगत बनाई। उन्होंने फिल्म की आत्मा को बरकरार रखकर दर्शकों की भावनाओ पर अमिट छाप छोड़ी है। मनुष्य किस कदर मजबूर होकर जीवन में किस हद तक जा सकता है, यह फ़िल्म की केंद्रीय भावना है।
वैभव ने अपनी फिल्म ‘वॉइड’ का क्लाइमेक्स कुछ इस प्रकार रखा है कि दर्शकों के समक्ष काफी अनचाहे सवाल प्रकट हो गए हैं। वैभव मानते हैं कि हमारे पास जवाब तो हर चीज के होते हैं पर सही सवाल नहीं होते।









